बेतला + नेतरहाट 3 दिन / 2 रात - रांची से टूर पैकेज
रांची से बेतला और नेतरहाट का 3-दिवसीय टूर करीब 560 किमी का है, जिसमें पलामू टाइगर रिज़र्व की दो खुली-जीप सफ़ारी, नेतरहाट के सूर्यास्त व सूर्योदय पॉइंट और लोध जलप्रपात शामिल हैं। यह अक्टूबर से जून तक चलता है (बेतला 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद रहता है), और चार लोगों की सेडान के लिए ₹12,999 से शुरू।
झारखंड का पश्चिमी सर्किट, ठीक से किया हुआ: एक टाइगर रिज़र्व और एक हिल स्टेशन, जो आपस में सिर्फ़ करीब 93 किमी दूर हैं पर लगभग हमेशा अलग-अलग देखे जाते हैं - और इस चक्कर में रांची से एक की जगह दो लंबी यात्राएँ करनी पड़ती हैं। तीन दिन में बेतला की दोपहर और सुबह की सफ़ारी, गारू होते हुए जंगल की सड़क से पार का रास्ता, नेतरहाट के दोनों व्यू पॉइंट, और लौटते हुए लोध जलप्रपात मिल जाते हैं।
इस पैकेज में क्या ख़ास है
- पलामू टाइगर रिज़र्व में खुली जीप से दो सफ़ारी - पहले दिन दोपहर 2 बजे, दूसरे दिन सुबह 6 बजे
- बेतला की मचानों से हाथी और गौर के दर्शन
- पलामू क़िला - चेरो काल के खंडहर क़िले, बेतला गेट से करीब 5 किमी
- लोध जलप्रपात - 468 फीट, झारखंड का सबसे ऊँचा
- मैगनोलिया पॉइंट पर नेतरहाट का सूर्यास्त और अगली सुबह सूर्योदय
दिन-प्रतिदिन का कार्यक्रम
- 1
रांची → बेतला (170 किमी)
सुबह 7 बजे पिकअप, रातू, कुड़ू, चंदवा और लातेहार होते हुए, फिर NH-39 और केचकी रोड से गेट तक - 4 घंटे 15 मिनट से 4 घंटे 45 मिनट, यानी करीब 11:30-12 बजे तक बेतला। वन विश्राम गृह या 24 किमी दूर डाल्टनगंज में चेक-इन। दोपहर 2 बजे की सफ़ारी, करीब 90 मिनट, पंजीकृत खुली जीप में (हमारी गाड़ी बाइसन गेट पर इंतज़ार करती है - निजी गाड़ियाँ अंदर नहीं जा सकतीं), फिर शाम ढलते वक़्त मचान - हाथी सबसे ज़्यादा आख़िरी घंटे की रोशनी में दिखते हैं। रात बेतला में।
- 2
बेतला सफ़ारी → नेतरहाट (93 किमी)
सुबह 6 बजे की सफ़ारी - सबसे ठंडा समय, जानवरों की सबसे ज़्यादा हलचल, और तेंदुआ दिखने की थोड़ी-सी संभावना। लौटकर नाश्ता, निकलते वक़्त पलामू क़िला, फिर छिपादोहर और गारू होते हुए जंगल की सड़क से नेतरहाट - 93 किमी, करीब ढाई से तीन घंटे - दोपहर करीब 3 बजे तक पहुँच। यह रास्ता महुआडांड़ से नहीं जाता; लोध जलप्रपात तीसरे दिन के लिए है। सूर्यास्त के लिए शहर से 10 किमी दूर मैगनोलिया पॉइंट। रात नेतरहाट में।
- 3
सूर्योदय → लोध जलप्रपात → रांची (257 किमी)
JTDC प्रभात विहार के पास सनराइज़ पॉइंट - सूर्योदय से करीब 30 मिनट पहले निकलें; अक्टूबर से मार्च तक सूर्योदय करीब 5:50 से 6:37 बजे और अप्रैल से जून तक 5:06 से 5:33 बजे के बीच होता है। नाश्ता, 9 बजे तक चेक-आउट। महुआडांड़ होते हुए 60 किमी दूर लोध जलप्रपात पर दो घंटे, फिर महुआडांड़, बिशुनपुर और लोहरदगा वाली निचली सड़क से रांची की लंबी वापसी - करीब 197 किमी, यानी दिन भर में करीब 257 किमी। रात 8 बजे तक ड्रॉप।
गाड़ी के हिसाब से दाम
| गाड़ी | अधिकतम यात्री | पूरा पैकेज |
|---|---|---|
| Sedan | 4 | ₹12,999 |
| Ertiga SUV | 6 | ₹15,999 |
| Innova Crysta | 7 | ₹18,999 |
| Tempo Traveller | 12 | ₹29,999 |
दाम पूरे पैकेज का है, प्रति व्यक्ति नहीं - गाड़ी में जितने लोग बैठें, दाम वही रहता है।
किराए में क्या शामिल है
- तीनों दिन ड्राइवर सहित AC गाड़ी
- ईंधन, टोल, पार्किंग, राज्य कर और वन मार्ग शुल्क
- दो रातों का ड्राइवर भत्ता और ठहरना
- कार्यक्रम में लिखे सभी दर्शनीय स्थल
इसमें शामिल नहीं है
- होटल और वन विश्राम गृह (कहने पर हम बुक कर देते हैं) - बेतला में सरकारी ठहराव करीब ₹1,700-3,000 प्रति रात; नेतरहाट में सरकारी कमरे (JTDC प्रभात विहार, पर्यटन विहार, वन विभाग का कॉटेज) ₹2,500-5,000 प्रति रात
- बेतला सफ़ारी: ₹2,450 प्रति खुली जीप, 6 वयस्क और 2 बच्चों तक (2025-26 की दर), palamautigerreserve.in पर बुकिंग - यह वन विभाग की अलग बुकिंग है
- खाना और कैमरा शुल्क
- पिकअप शहर
- रांची
- अवधि
- 3 दिन, 2 रात
- दूरी
- 560 km
- घूमने का सही समय
- अक्टूबर से मार्च। बेतला नेशनल पार्क हर साल 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद रहता है, इसलिए उन महीनों में यह पैकेज नहीं चलता; पार्क 1 अक्टूबर को फिर खुलता है
- किनके लिए सही
- वन्यजीव प्रेमी · बड़े बच्चों वाले परिवार · फोटोग्राफर · लंबे वीकेंड पर निकलने वाले
- शुरू
- ₹12,999 (Sedan)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बेतला की सफ़ारी जीप कैसे बुक करें?
पलामू टाइगर रिज़र्व के आधिकारिक पोर्टल palamautigerreserve.in पर ऑनलाइन बुक करें - ₹2,450 प्रति जीप, 6 वयस्क और 2 बच्चों तक (2025-26 की दर), भुगतान सीधे रिज़र्व को, कैब ऑपरेटर को नहीं। दो समय हैं, सुबह 6 बजे से और दोपहर 2 बजे से, हर सफ़ारी करीब 90 मिनट की, और पोर्टल पर मंगलवार साप्ताहिक अवकाश लिखा है। अक्टूबर 2025 से अंदर सिर्फ़ पंजीकृत खुली सफ़ारी जीप जा सकती हैं - निजी कार और SUV, हमारी गाड़ी भी, बाइसन गेट पर खड़ी होती हैं - इसलिए इस पैकेज में भी जीप अलग से बुक होती है।
क्या बेतला और नेतरहाट टूर जुलाई, अगस्त या सितंबर में हो सकता है?
नहीं। बेतला नेशनल पार्क NTCA के आदेश पर हर साल 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद रहता है और 1 अक्टूबर को फिर खुलता है, इसलिए यह 3-दिवसीय पैकेज सिर्फ़ अक्टूबर से जून तक चलता है। नेतरहाट और लोध जलप्रपात बारिश में भी खुले रहते हैं, और पार्क के बाहर पलामू क़िला और केचकी भी - इसलिए बरसात में सिर्फ़ नेतरहाट की यात्रा ही विकल्प है।
रांची से बेतला नेशनल पार्क कितनी दूर है?
मध्य रांची से करीब 170 किमी (रांची जंक्शन से 175 किमी) - रातू, कुड़ू, चंदवा और लातेहार होते हुए, फिर NH-39 और केचकी रोड से गेट तक, कैब से 4 घंटे 15 मिनट से 4 घंटे 45 मिनट। पलामू टाइगर रिज़र्व और लातेहार ज़िला यही दूरी बताते हैं; कुछ ट्रैवल साइटों पर अब भी लिखा 140 किमी कम है। सुबह 6 बजे की सफ़ारी के लिए रांची से रात करीब 1:30 बजे निकलना पड़ता, इसलिए यह पैकेज पहुँचने वाले दिन दोपहर 2 बजे की और अगली सुबह 6 बजे की सफ़ारी रखता है।
क्या बेतला में सचमुच बाघ दिख जाएगा?
सच कहें तो लगभग नहीं। पलामू टाइगर रिज़र्व में कोई स्थायी बाघिन नहीं है, और 2022-23 से अब तक गिने-चुने भटकते नर बाघ ही दर्ज हुए हैं, इसलिए नियमित आने वालों को भी बाघ कम ही दिखता है। जो निश्चित रूप से दिखेंगे वे हैं हाथी, गौर, सांभर, चीतल, लंगूर और मोर - और कभी-कभार तेंदुआ। जंगल के लिए जाइए, बाघ के लिए नहीं - निराशा नहीं होगी।
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दूसरे टूर पैकेज
रांची से दूसरे रूट
किराए और जानकारी की अंतिम समीक्षा:
रांची से बेतला + नेतरहाट 3 दिन / 2 रात बुक करें
तारीख़ बताएँ, हम गाड़ी और ड्राइवर तय कर देंगे। चाहें तो होटल भी बुक करा दें।